इंद्रमणि बडोनी जयंती
"ये सर्किट सुन !" -"क्या है भाई ? किसको टपकाने का है ?" "अरे, टपकाना नहीं है रे, समझाना है।" -"किसको।" "मुझे रे।" -"क्यों मजाक करते हो भाई।" "नहीं रे, मैं सच कह रहा हूँ। ये व्हट्स ऐप देख ?" - "क्यों,भाभी ने आई लव यू भेजा है क्या ?" "नहीं रे, ये पढ़।" - "जिलाधिकारी द्वारा 24 दिसम्बर को सार्वजनिक अवकाश घोषित। क्या भाई ? सीधे बोलो न कि भाभी के साथ घूमने का प्लान बना रेला है।" "नहीं रे,आगे पढ़।" - '24 दिसम्बर को सभी स्कूलों में इंद्रमणि बडोनी की जयंती मनायी जायेगी। संस्कृति दिवस के रूप में मनाया जायेगा इस दिन को।' "देखो भाई, ये गांधी जयंती तो अपुन ने स्कूल में कई बार मनाई रेला है। पर ये नई जयंती कौन है ? तुम बोलते हो भाई, तो इसको भी मना डालते हैं। इसमें सोचना क्या ? पर ये 'संस्कृति' बड़ी मस्त आइटम लग रही है भाई ?" "नहीं रे, सर्किट। संस्कृति बोले तो....यार ये हिंदी के मास्टर इतना कठिन शब्द कैसे पढ़ा लेते हैं...संस्कृति बोले तो...बोले तो....रीति-रिवाज। -- ...