उत्तराखंड में ट्रांसफर पर

"जाट मर गया"*
देवियों और सज्जनों !
1- जिनके भी कथित रूप से ट्रांसफर आदेश हुये हैं,उनको बहुत- बहुत सुभकामनाएँ।
2- अगर यह सच साबित हुये तो नए साल 2017 का इससे बेहतर गिफ्ट नहीं हो सकता है।
3- हरियाणा की एक कहावत है " जाट मरे तब जाणों, जब उसकी तेरहवीं हो जाय।" तो अभी केवल जाट के मरने की सूचना मात्र है।
4- शिक्षा विभाग के पिछले अनुभव आपके साथ हैं। इसलिए यह मत सोचना कि मैं आपको डरा रहा हूँ।
5- इसलिये ट्रांसफर की ख़ुशी में पार्टी-शॉर्टी से थोड़ा बच के रहें।
6- माना पार्टी करने को मन हिलोरें मार ही रहा हो, तो यह कहना की यह न्यू ईयर की पार्टी है। भूल से ट्रांसफर की मत कह देना।
7- ट्रांसफर की ख़ुशी होना लाजमी है, पर उस ख़ुशी को चेहरे पर आने से जितना रोक सकें तो रोकें।
8- अब मैं ख़ुशी रोकने को क्यों कह रहा हूँ ?
9- पहला कारण- क्योंकि इस लिस्ट में कुछ साथियों के ट्रांसफर अथिति शिक्षकों की जगह हुए हैं। आप समझ रहे हैं न,मैं क्या कहना चाह रहा हूँ ?
10- दूसरा कारण- कुछ लोग आपकी और हमारी तरह "ऑनलाइन वीर" नहीं होते ( जो 24 घंटे ऑनलाइन रहते हों ), जो "ऑनलाइन ट्रांसफर" पर भरोसा करें।
11- ऐसे लोग "ऑफलाइन" पर यकीन करते हैं और हमेशा ऑफलाइन रहते हैं। सरकार गरीबों की है, ऐसे "तकनीकी गरीबों" के प्रति सरकार का प्रेम उमड़ना स्वाभाविक है।
12- और ऐसे गरीबों के ट्रांसफर यदि सरकार ने पहले कर दिये तो उनको वह पद मिलने तय हैं,जो वह चाहेंगे। और उन्होंने वह पद मांग लिये,जो आपने माँगे हैं तो ?
13- बाकी आप समझदार हैं, अब आपके ऑनलाइन दिमाग में यह सवाल भी आयेगा कि क्या उनके ट्रांसफरों से बच्चों की बोर्ड परीक्षा का नुकसान नहीं होगा ?

14- तो यह सवाल आपकी सामन्ती मानसिकता को दर्शाता है। तो आप क्या चाहते हैं कि सरकार गरीबों का भला न करे ?
15 - अब आपके दिमाग में यह सवाल आ रहा होगा कि यह नियम विरुद्ध है ?
16- वह सरकार ही क्या जो नियमों पर चले ? अब गरीबों के लिये अगर सरकार रियायत नहीं देगी तो कौन देगा ?
17- और सरकार इतना ही गलत कर रही होती तो क्या लोग सड़कों में नहीं उतरते ?
18- आप एक जिम्मेदार नागरिक हैं, और सबसे ज्यादा बुद्धिजीवी भी, आपको सरकार के निर्णयों का सम्मान करना चाहिए।

"नववर्ष 2017 की सुभकामनाओं के साथ"

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