"वेतन कट गया, अरे मेरा वेतन कट गया.."
1- आज कल एक नयी फिल्म "हड़ताल" का यह रुदाली गीत सोसल मीडिया में सुपर-डुपर हिट हो रहा है।
2- इस गीत को पहले किसने लिखा इसका ठीक-ठीक किसी को पता नहीं है।
3- और इसके सबसे पहले गायक का भी ठीक-ठीक पता नहीं चल पा रहा है।
4- पर भिभिन्न व्हट्स एप व फेसबुक ग्रुपों में यह लगातार लिखा व गाया जा रहा है।
5- यह गीत ट्रेजरी वालों को कुछ ज्यादा ही पसंद आ रहा है, इसलिए ट्रेजरी वाले इसको अपने-अपने हिसाब से वायरल करने में यू-ट्यूब से ज्यादा भूमिका निभा रहे हैं।
2- इस गीत को पहले किसने लिखा इसका ठीक-ठीक किसी को पता नहीं है।
3- और इसके सबसे पहले गायक का भी ठीक-ठीक पता नहीं चल पा रहा है।
4- पर भिभिन्न व्हट्स एप व फेसबुक ग्रुपों में यह लगातार लिखा व गाया जा रहा है।
5- यह गीत ट्रेजरी वालों को कुछ ज्यादा ही पसंद आ रहा है, इसलिए ट्रेजरी वाले इसको अपने-अपने हिसाब से वायरल करने में यू-ट्यूब से ज्यादा भूमिका निभा रहे हैं।
6- इस गीत से ट्रेजरी वाले इतने उत्सुक हैं कि वह अपना नया चैनल "ट्रेजरी-ट्यूब" खोलने वाले हैं।
7- ट्रेजरी वालों ने इस चैनल के रजिस्ट्रेशन हेतु सरकार के समक्ष आवेदन कर दिया है। उनकी कोशिश है कि इसी महीने इसको लॉन्च कर दिया जाय।
8- परन्तु इस चैनल को, शिक्षकों का संघठन लॉन्च नहीं होने दे रहा है। क्योंकि इससे उनकी भावनाएं आहत हो रही हैं।
9- पर अगर यह चैनल लॉन्च होता है, तो कई लोगों के दिल को ठंडक मिलनी निश्चित है। जो सरकारी शिक्षकों को "काला बाखरा" की तरह देखते हैं।
10- जिन पर यह गीत फिल्माया गया है, वह लड़ाई में तो जाना चाहते हैं, पर बिना किसी खरोंच के जीतना भी चाहते हैं और वापस भी आना चाहते हैं।
11-" हड़ताल" फिल्म की समीक्षा करने पर इस लेख के लेखक को लगता है, कि यह कैसे सैनिक हैं जो थोड़ा खरोंच सहने को भी तैयार नहीं हैं।
12- शुक्र है कि आजादी की लड़ाई लड़ने वालों ने लड़ ली।
13- इस फिल्म में एक गीत मेरी तरफ से जोड़ लें जो "भय रस" से परिपूर्ण है और फिल्म की सिचुएशन में फिट बैठ रहा है-
14- "अपनी फितरत को हम हरगिज़ मिटा सकते नहीं।
सर झुका सकते हैं लेकिन, खरोंच लगा सकते नहीं।"

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