'फॉग' चल रहा है
कुछ दिनों पहले ऋषिकेश नटराज चौक पर एक मित्र से मुलाकात हुयी I मिलते ही बोले मण्डलीय चुनाव के बाद आपने लिखना छोड़ दिया ? मैंने कहा कि मन होता है तो लिख देता हूँ, नहीं होता तो नहीं लिखता । कोई लेखक तो हूँ नहीं ।
आगे का वार्तालाप कुछ इस तरह चला -
आगे का वार्तालाप कुछ इस तरह चला -
मित्र-खैर छोड़ो,यह बताओ कि प्रमोशन में आजकल क्या चल रहा है?
मैं - 'फॉग' चल रहा है ।
मित्र - यार सच सच बता कि प्रमोशन में क्या चल रहा है ?
मैं- सच कहूँ तो ...... फॉग ही चल रहा है।
मित्र - मजाक नहीं यार सच बता ।
मैं - यार सच ही तो कह रहा हूँ कि फॉग चल रहा है। इस फॉग में एक तरफ हम हैं और दूसरी तरफ अतिथि शिक्षक I सरकार अतिथियों के पीछे है। उन्हें फॉग में केवल अतिथि दिख रहे हैं , हम नजर नहीं आ रहे हैं ।
संघ के पदाधिकारी भी इस फॉग में रास्ता ढूढ़ने की कोशिश कर रहे हैं, पर उन्हें भी फॉग में कुछ नजर नहीं आ रहा है I
प्रान्तीय संघठन द्वारा प्रमोशन न होने पर २० तारीख से भूख हड़ताल की चेतावनी दी थी । कौन-२ भूख हड़ताल पर बैठा है ? आठ दिन बाद भी इस फॉग में मुझे कुछ दिखाई नहीं दे रहा है ।
क्या आपको नहीं लगता कि वास्तव में प्रमोशन में फॉग ही चल रहा है ?
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