."जादू की झप्पी"
-- ये सर्किट !
"जी भाई"
-- यार, अपुन ने किसी मास्टरनी या मास्टर को फर्जी मेडिकल दिया क्या ?
"नहीं भाई"
-- यार, अपुन को टेंसन होलेरा। ये अखबार वाला क्या लिखरेला ?
"भाई ये आपने नहीं, असली डॉक्टर ने दिएला है"
-- पर सर्किट, ये मास्टर लोग फर्जी मेडिकल काहे को बनारेला है ?
" भाई, ट्रांसफर के लिये"
-- चुप बे सर्किट भाई के साथ क्यों मजाक करेला है। ट्रांसफर के लिये कोई नियम-कायदा बनेला होगा।
"नहीं भाई, यहाँ जुगाड़ चलता है भाई, जुगाड़ "
-- जुगाड़ बोले तो ?
" भाई जिसको ट्रांसफर चाहेला है, उसको मंत्री, विधायक व अधिकारी से सेटिंग चाहिये भाई, सेटिंग"
-- अरे सर्किट ! भाई के दिमाग में एक और बात नी घुसरेली।
"कौनसी बात भाई ?"-- अरे, जिसका कागजपतर फर्जी है उसका ट्रांसफर रोकना तो बराबर है, पर जिसके सही हैं उसका क्या ?
" भाई यही सवाल तो सब पूछरेला हैं। इसमें भी मुझे सेटिंग लगती है भाई"
"जी भाई"
-- यार, अपुन ने किसी मास्टरनी या मास्टर को फर्जी मेडिकल दिया क्या ?
"नहीं भाई"
-- यार, अपुन को टेंसन होलेरा। ये अखबार वाला क्या लिखरेला ?
"भाई ये आपने नहीं, असली डॉक्टर ने दिएला है"
-- पर सर्किट, ये मास्टर लोग फर्जी मेडिकल काहे को बनारेला है ?
" भाई, ट्रांसफर के लिये"
-- चुप बे सर्किट भाई के साथ क्यों मजाक करेला है। ट्रांसफर के लिये कोई नियम-कायदा बनेला होगा।
"नहीं भाई, यहाँ जुगाड़ चलता है भाई, जुगाड़ "
-- जुगाड़ बोले तो ?
" भाई जिसको ट्रांसफर चाहेला है, उसको मंत्री, विधायक व अधिकारी से सेटिंग चाहिये भाई, सेटिंग"
-- अरे सर्किट ! भाई के दिमाग में एक और बात नी घुसरेली।
"कौनसी बात भाई ?"-- अरे, जिसका कागजपतर फर्जी है उसका ट्रांसफर रोकना तो बराबर है, पर जिसके सही हैं उसका क्या ?
" भाई यही सवाल तो सब पूछरेला हैं। इसमें भी मुझे सेटिंग लगती है भाई"
-- ये सर्किट जरा कान इधर ला।
"ये लो भाई, बोलो ! कोई खास बात है क्या ?"-- नहीं रे, मैंने गणित का मास्टर सुना, अंग्रेजी, हिंदी विज्ञान का सुना। पर दुर्गम का मास्टर नहीं सुना। ये कोई नया सब्जेक्ट है क्या ? तू तो जनता है भाई का जनरल नॉलेज आजकल थोड़ा कम चल रहा है।
"अरे भाई, ये कोई सब्जेक्ट-वोब्जेक्ट नहीं है। ये जगह है जगह । जहाँ काफी परेशानियां है भाई। यहां बारिश में भी बोतल लेकर संडास जाना पड़ता है भाई। और तो और सब्जी भी ढंग से खाने को नहीं मिलती है भाई। यहाँ मास्टर लोग बड़ी मुश्किल में काम कर रहे हैं भाई। ठीक उसी ईमानदारी से जैसे आपके हॉस्पिटल का वह स्वीपर काका काम करता है भाई। इन मास्टरों को सभी दुत्कारने में लगे रहते हैं भाई। यह चुप-चाप अपने बच्चों से दूर ईमानदारी से अपना काम करने में लगे हैं भाई। कोई भी इनको थैंक्यू नहीं बोलता है भाई। "
-- चुप कर बे सर्किट।
"ये क्या भाई, तुम रो रहे हो ? कौन है साला जो मेरे भाई को रुला रहा है। बोलो भाई अभी टपकाता हूँ।"
-- सर्किट चल बैठ गाड़ी में।
"कहाँ चल रहे हो भाई ? "
-- किसी दुर्गम के मास्टर के पास। आज ट्रांसफर रद्द होने से उसका दिल भारी होगा। उसे एक जादू की झप्पी दे आते हैं।

"ये लो भाई, बोलो ! कोई खास बात है क्या ?"-- नहीं रे, मैंने गणित का मास्टर सुना, अंग्रेजी, हिंदी विज्ञान का सुना। पर दुर्गम का मास्टर नहीं सुना। ये कोई नया सब्जेक्ट है क्या ? तू तो जनता है भाई का जनरल नॉलेज आजकल थोड़ा कम चल रहा है।
"अरे भाई, ये कोई सब्जेक्ट-वोब्जेक्ट नहीं है। ये जगह है जगह । जहाँ काफी परेशानियां है भाई। यहां बारिश में भी बोतल लेकर संडास जाना पड़ता है भाई। और तो और सब्जी भी ढंग से खाने को नहीं मिलती है भाई। यहाँ मास्टर लोग बड़ी मुश्किल में काम कर रहे हैं भाई। ठीक उसी ईमानदारी से जैसे आपके हॉस्पिटल का वह स्वीपर काका काम करता है भाई। इन मास्टरों को सभी दुत्कारने में लगे रहते हैं भाई। यह चुप-चाप अपने बच्चों से दूर ईमानदारी से अपना काम करने में लगे हैं भाई। कोई भी इनको थैंक्यू नहीं बोलता है भाई। "
-- चुप कर बे सर्किट।
"ये क्या भाई, तुम रो रहे हो ? कौन है साला जो मेरे भाई को रुला रहा है। बोलो भाई अभी टपकाता हूँ।"
-- सर्किट चल बैठ गाड़ी में।
"कहाँ चल रहे हो भाई ? "
-- किसी दुर्गम के मास्टर के पास। आज ट्रांसफर रद्द होने से उसका दिल भारी होगा। उसे एक जादू की झप्पी दे आते हैं।
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