"हंगामा है क्यों वरपा ?"
अभ्रष्ट वन में आज बड़ा हंगामा वरपा था। क्योंकि एक गाय ने शेर पर सोसल मीडिया में माँसाहारी होने का आरोप लगा दिया था। और तो और उस गाय ने शेर के मातहत 'लक्कड़बग्गों' पर भी मांसाहारी होने के आरोप मड़ दिये थे। सुना है लक्कड़बग्गों के संग़ठन ने उस गाय के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। और यह मुद्दा अखबारों की हेड लाइन न बने यह कैसे हो सकता था, आज सारे अखबारों में इस खबर को पढ़ा जा सकता है। पर गाय ने ऐसी हिम्मत कैसे कर दी ? नया-नया खोजी पत्रकार पोपट लाल यही सोच कर परेशान था। पोपट लाल ने जब जानकारी जुटाई तो पता चला कि वह गाय एक शिक्षक थी। आज अभ्रष्ट वन में इसी सिलसिले में शेर ने एक मीटिंग बुलाई थी। उसमें आरोपी गाय व लक्कड़बग्गे व मीडिया का भारी जमावाड़ा था। पत्रकार पोपट लाल भी यह सब कवर करने अभ्रष्ट वन में गये थे। मीटिंग शुरू होने से पहले अन्य जानवरों में खुश-पुश हो रही थी कि गाय ने क्या गलत बोला ? सही बात तो बोली। पर कोई भी गाय के सीधे सपोर्ट में नहीं आया। गाय की अपनी बिरादरी भी गाय को अपने से अलग करने का मन बना चुके थे। कुल मिला कर गाय को अपने कुनबे का साथ मिलने के दरवाजे भी बंद हो चुके थे।...