"चाय पर चर्चा- प्रांतीय अधिवेशन ......भाग-19"
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"सॉरी, महावीर जी"- मैंने कहा।"किस बात की सॉरी ?"- महावीर जी बोले।
"यही कि, मैंने मन ही मन में आपके लिये गलत धारणा बना ली थी और मेरी आवाज भी कुछ शख्त हो गयी थी।"
"नहीं ऐसा कुछ नहीं। सॉरी तो मुझे कहना चाहिये कि मैं आपको,अपनी कहानी से, इतनी देर से बोर कर रहा हूँ। चलो सम्मेलन में चलते हैं। आप मुख्यमंत्री जी को सुनना चाहते हैं। अब वह आ गये होंगे। मेरी कहानी बाद में पूरी हो जायेगी।"- महावीर जी ने कहा।
"नहीं आप अपनी कहानी पूरी कीजिये। अब मुझे मुख्यमंत्री जी को सुनने से ज्यादा महत्वपूर्ण आपकी कहानी सुनना लग रहा है। आप बताइये, फिर क्या हुआ ?"
" फिर होना क्या था। एक दो महीने तो जैसे तैसे उधार लेकर घर का खर्च व लोन की क़िस्त को निबटाया। नौकरी लगी तो मैंने अपने किसी रिश्तेदार के कहने पर किस्तों में एक जमीन का टुकड़ा भी ले लिया। सेलरी न मिलने और उधार भी न मिलने पर, घर खर्च व लोन की क़िस्त चुकाना मेरे लिए बहुत मुश्किल होता जा रहा था। इस कारण हमारे बीच में बात-बात पर तनाव पैदा होने लगा।
जब हम किसी रेस्टोरेंट में जाते, तो मैं मेनू को खुद पकड़ कर सबसे कम रेट की चीजें ऑर्डर कर देता। निकिता कहती,महावीर मुझे यह पसंद नहीं, मैं नहीं खा सकती इसे।
मैं कहता कि इससे पहले तो, तुम ही अपने पसन्द की चीजें ऑर्डर करती थी न ? मैंने कभी कहा कि मुझे पसंद नहीं ? कभी जब मैं उसको ऑर्डर करने देता तो, वह जो कुछ मंगाती, मैं कहता कि यह मुझे पसंद नहीं। इसलिये खुद कुछ नहीं खाता। ताकि कम पैसों में काम चल जाय।निकिता कई बार कहती कि महावीर तुम ठीक तो हो न ? तुम्हारा व्यवहार मुझे अब बदला-बदला लग रहा है ? मैं कहता नहीं तुम्हें लग रहा होगा, मैं बिल्कुल ठीक हूँ।
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शादी के बाद पहली बार करवा चौत का व्रत आया। मैंने टीवी वालों को खूब गालियाँ बकी। पहले यह व्रत हमारे गढ़वाल में नहीं होता था। अब टीवी ने इसे राष्ट्रीय व्रत बना दिया है। इसको इतना ग्लैमराइज कर दिया कि कुँवारी लड़कियाँ भी व्रत लेने लगी हैं। उस दिन निकिता ने भी व्रत रखा। मैंने उसको कितना मना किया कि मत ले, मत ले। पर उसने नहीं माना। साथ में यह फरमाइश भी कि मेरा मंगल सूत्र पुराना हो गया है। इस करवा चौत पर आप नया गिफ्ट करोगे। मैं ज्वेलर के यहां पसन्द भी कर आयी हूँ, सत्तावन हजार का है।
सत्तावन हजार का सुनकर एक बार तो मैं बेहोश होते होते बचा। मैंने कहा व्रत और गिफ्ट का क्या संबंध ?
उसने कहा, किसी को भी पूछ लो। करवा चौत के व्रत के दिन पति अपनी पत्नि को गिफ्ट देते हैं। कल के सीरियल में नहीं देखा आपने ?
देखो भाई, व्रत रखना हो तो रखो। मैं कोई गिफ्ट वगैरा नहीं देने वाला। यह तो एक प्रकार की रिश्वत ले रही हो तुम। तभी तो मैं टीचर से शादी नहीं करना चाहती थी। टीचर बड़े कंजूस होते हैं, निकिता ने कहा। देखो! शादी के लिये तुमने फोर्स किया था मैंने नहीं। मैंने तो तुमको बहुत समझाया कि जब तुमको टीचर पसन्द नहीं तो क्यों कर रही हो शादी। तब तो तुमने ही शादी के लिए जोर दिया था। फिर उस दिन भी तर्क-वितर्क ने इतना जोर पकड़ा कि हमारे बीच फिर झगड़ा हो गया। इस झगड़े से एक फायदा तो हुआ कि मैं गिफ्ट लाने से बच गया था। मेरे पास सात हजार रुपये न थे, सत्तावन हजार कहाँ से लाता। पर हम दोनों के बीच फासला बढ़ गया था। रात में छत में,चांद आने पर पूजा वगैरा सब हुयी। पर वह ऐसा ही था जैसे किसी फिल्मी दृश्य को पूरा करना ही था।
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( जारी..)
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