हैप्पी मुकर संक्रांति.




"ये सर्किट ! सुन।"
-- "जी, भाई !"
"वो सामने देख।"
-- "भाई, आज लगता है आपने ज्यादा चढ़ा ली है। वो लाल सूट वाली भाभी नहीं है, कोई और है।"
"नहीं रे, कभी लाल-पीली सूट वालियों के अलावा भी किसी और को देख लिया कर।"
-- "सॉरी भाई।"
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"वो देख उसके बगल में खड़े आदमियों को।"
-- "क्यों भाई, किसी को उठाना है क्या ?"
"नहीं रे, उनकी बात ध्यान से सुन।"
"हैप्पी मुकर संक्रांति...हैप्पी मुकर संक्रांति....."
-- "क्या भाई, इसमें सुनने जैसा क्या है ?"
''ये सर्किट, ये लोग गलत बोल रेले हैं। 'हैप्पी मुकर संक्रांति नहीं' 'हैप्पी मकर संक्रांति' होता है।"
-- "नहीं भाई, ये लोग सही बोल रेले हैं।"
"ये सर्किट कान इधर ला रे, यार मेरा जनरल नॉलेज आजकल कुछ कमती चल रेला है। मैंने 'हैप्पी मकर संक्रांति' तो सुना है, पर ये 'हैप्पी मुकर संक्रांति' कौन सा त्योहार है ?"
-- "बताता हूँ भाई। ये दुर्गम के शिक्षक हैं। ये मकर संक्रांति तो इस साल मना नहीं पाये। इसलिये यह इस साल, एक नया त्योहार, मुकर संक्रांति मनाने को मांगता।"
"ये सर्किट, ये लोग मकर संक्रांति क्यों नहीं मना पाये ? इनको अबाजा हो रखा है क्या ?
-- "नहीं भाई, कोई अबाजा-वबाजा नहीं है। दरअसल सर्दियों की छुट्टियां तेरह को खत्म हो गयी और यह स्कूल आ गये। इनके स्कूल इनके घर से सैकड़ों किलोमीटर दूर हैं। अब यह एक दिन की छुट्टी में घर तो जा नहीं सकते। त्योहार का आनंद तो परिवार के साथ ही आता है न भाई ? इसलिये यह मकर संक्रांति नहीं मना पाये।"
"ओह ! पर सर्किट,ये मुकर संक्रांति क्या है ?"
-- "बताता हूँ भाई। आप तो जानते ही हो कि संक्रान्ति सूर्य के एक राशि से दूसरी राशि में पलटी मारने पर होती है। इसलिये 12 राशियों के हिसाब से बारह संक्रांति हुयी। वर्ष के जनवरी माह में सूर्य धनु राशि से मकर राशि में पलटी मारता है, इसलिये जनवरी में मकर संक्रांति मनाने को मांगता।"
"ये सर्किट मकर राशि तो सुनी है। तेरी भाभी की भी मकर राशि ही है।"
-- "क्या बात है भाई ! भाभी की मकर राशि है आपने पहले बताया नहीं।
"अरे सर्किट, यह सब छोड़। पर ये 'मुकर' राशि कभी सुनी नहीं यार।"
--"आ रहा हूँ भाई, उसी पे आ रहा हूँ। इन दुर्गम के शिक्षकों की राशि में सूर्य बीस-बीस,पच्चीस-पच्चीस साल से पलटी मारने को नहीं मांगता।पिछले साल इसी महीने जनवरी 2018 में कुछ संयोग बना था। जब सरकार ने इनके लिये ट्रांसफर एक्ट बनाया था। इन दुर्गामियों को लगा कि वर्षों के इंतजार के बाद उनकी राशि में भी सूर्य पलटी मारेगा, और उनकी जिंदगी में भी 'मकर संक्रांति' आयेगी। एक्ट पास हुये एक साल हो गया, इनके जीवन में 'मकर संक्रांति' तो आयी नहीं, पर कौन जानता था कि इनके जीवन में 'मुकर संक्रांति' आयेगी। सरकार ने कहा था कि अब ट्रांसफर एक्ट से होंगे, पर सरकार अपने वादे से मुकर गयी। इनके संघ के लोगों ने भी ट्रांसफर एक्ट के नाम पर वोट मांगे। इनकी राशि के सूर्य को पलटी मरवाने के वादे पर चुनाव भी जीत गये। पर वह भी अपने वादे से मुकर गये। इसलिये यह सरकार व संघ के पदाधिकारियों के अपने वादे से मुकर जाने पर "मुकर संक्रांति" मना रहे हैं।"
"ये सर्किट, गाड़ी निकाल।"
-- "क्यों भाई, अचानक कहाँ चलने को मांगता ?"
"उन दुर्गमियों के पास चलते हैं, जिनके हिस्से 'मुकर संक्रांति' आयी है। वह उदास होंगे, उनको जादू की झप्पी दे आते हैं।
...
आप सबको "हैप्पी मुकर संक्रांति।"

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