#कोरोना वायरस.

आजकल हम सब घर के अंदर बंद हैं। कुछ अपनी मर्जी से और कुछ जबरदस्ती सरकार की मर्जी से। कोरोना वायरस के बारे में टीवी, व्हट्स ऐप, फेसबुक, यूट्यूब पर आप बहुत अधिक देख व पढ़ चुके होंगे। अब पढ़ने व जानने के लिये शायद ही कुछ शेष बचा हो ? आप सोच रहे होंगे कि फिर मैं क्यों लिख रहा हूँ ?
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दरअसल मुझे इस दौरान कुछ मित्रों के फोन आये उनसे बातचीत के दौरान मुझे लगा कि घर के अंदर अचानक बंद होने से, लगातार टीवी और सोसल मीडिया का प्रयोग करने से, लोगों में पैनिक व एंजायटी (डर) पैदा हो रही है। इसलिये मुझे लगा कि इस पर कुछ लिखा जाना चाहिये। इस पोस्ट में मैं बहुत कुछ एकेडमिक बातें नहीं करूँगा। पर साधारण शब्दों में आपको कोरोना वायरस के बारे में जानकारी देने का प्रयास करूंगा।
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प्रश्न- वायरस (#Virus ) क्या होता है ?
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विषाणु (वायरस) सजीव और निर्जीव के बीच की कड़ी है। यह न तो पूरी तरह निर्जीव होता है और न ही पूरी तरह सजीव। जब यह पृथ्वी की सतह पर पड़ा होता है, तो इसका व्यवहार अन्य निर्जीव वस्तुओं की तरह ही होता है। परन्तु जब यह किसी जीवित कोशिका में प्रवेश करता है या यूँ कहें जीव के शरीर में प्रवेश करता है तो यह अपने जैसे कई विषाणु (वायरस) तैयार कर देता है। इसका आकार बहुत ही सूक्ष्म होता है। मिलीमीटर से कई लाख हिस्से छोटा, नैनोमीटर में। जाहिर है इसको नंगी आंखों से देखा जाना संभव नहीं होता है।
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प्रश्न - #कोरोना विषाणु (वायरस) क्या होता है ?
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विषाणु (वायरस) में समय-समय पर परिवर्तन होता रहता है, जिससे नये विषाणु (वायरस) पूर्व विषाणुओं (Viruses) से थोड़ा भिन्न हो जाते हैं। इस तरह नये-नये प्रकार के वायरस बनते रहते हैं। कोरोना वायरस भी विषाणुओं (Viruses) का एक समूह है। इनको कोरोना वायरस इसलिये नाम दिया गया क्योंकि इनके सबसे बाहर की सतह पर क्राउन ( मुकुट) जैसी सूक्ष्म संरचनाएँ दिखती हैं। कई प्रकार के कोरोना वायरस पहले से मौजूद हैं। इनमें गत वर्षों में चर्चित सार्स (SARS) वायरस भी एक है। सार्स वायरस भी एक प्रकार का कोरोनो वायरस था।
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आजकल जिस वायरस की बजह से यह सब ताण्डव मचा है। उसका नाम है नोवेल कोरोनो वायरस ( Novel Corono Virus )। 'नोवेल' मतलब 'नया' कोरोनो वायरस। नया इसलिये, क्योंकि यह नया-नया (2019 में) उत्पन्न हुआ है। नया है, तो इससे जो बीमारी उत्पन्न हुई है, वह भी नयी है। और इस बीमारी का नाम है COVID-19 ( CORONO VIRUS DISEASE 2019.)। नई बीमारी होने के कारण इसकी अभी तक कोई दवाई भी नहीं बन पायी है।
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प्रश्न- क्या हमको COVID-19 बीमारी (जिसको हम सामन्यतः कोरोना कह रहे हैं) हो सकती है ?
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उत्तर- इसका उत्तर केवल आप ही जानते हैं। अगर आप अभी तक किसी COVID-19 से संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में नहीं आये हैं और आपने खुद को और परिवार के सदस्यों को समाज से पूरी तरह आइसोलेट (अलग) कर दिया है। और आप लॉक- डाउन व सरकार के निर्देशों का पालन कर रहे हैं, तो यकीन मानिए आप और आपका परिवार इस बीमारी से सुरक्षित हैं।
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प्रश्न- मैं इस दौरान आते-जाते समय कई लोगों के सम्पर्क में आया हूँ। मुझे नहीं पता कि किसी को COVID-19 था या नहीं, तो क्या मुझे यह बीमारी COVID-19 (कोरोना) हो सकता है ?
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उत्तर- ऐसे मामले में खुद को आइसोलेशन में ( परिवार के अन्य सदस्यों से अलग ) रखें। बाहर न निकलें। सामन्यतः चार से चौदह दिन में इस रोग के लक्षण दिख जाते हैं। अगर 14 दिन तक आप स्वस्थ हैं, तो आपको COVID-19 नहीं है। बस ख्याल रखें खुद को घर के अंदर रखें और आप परिवार के अन्य सदस्यों से घुल-मिल सकते हैं।
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प्रश्न- क्या हमको बार-बार हाथ धोने की जरूरत है ?
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उत्तर- अगर आप दिन भर घर पर ही हैं। तो बार-बार हाथ धोने की जरूरत नहीं है। बस सामान्य दिनों की तरह शौच के बाद,खाना बनाने व खाने से पहले,बर्तन धुलने के बाद या किसी अन्य साफ-सफाई आदि करने के बाद हाथ धोएं। साधारण साफ-सफाई बनाये रखें। जो सदस्य घर से बाहर सामान वगैरा के लिये जा रहे हैं, उनको विशेष ध्यान देने की जरूरत है। जितना संभव हो अधिक से अधिक हाथ धोएं। परन्तु हाथ धोने को पैनिक न बनाएं।
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प्रश्न- इस महामारी को रोकने में हम क्या योगदान कर सकते हैं ?
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उत्तर- डेंगू और चिकनगुनिया नामक बीमारियाँ भी वायरस द्वारा ही होती हैं। परन्तु इन बीमारियों को फैलाने का कार्य मच्छर करते हैं।
COVID-19 (कोरोना) भी वायरस द्वारा होने वाली बीमारी है, इसमें वाहक का कार्य मनुष्य द्वारा हो रहा है।
अगर हमने कुछ समय के लिये लोगों से मिलना जुलना छोड़ दिया, तो इस रोग से ग्रसित व्यक्ति हमारे और हम इस रोग से ग्रसित व्यक्तियों के सम्पर्क में नहीं आ पाएंगे। जिससे यह रोग फैलने से रुक जाएगा। इसलिये लॉक-डाउन का और सरकार के निर्देशों का ईमानदारी से पालन कीजियेगा। सुबह जब राशन, दूध के लिए जा रहे हो तो भीड़ न लगाइए। सबसे एक मीटर की दूरी बना कर रखिये।
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मुझे लगता है कोरोना के बारे में आपको इससे ज्यादा जानकारी की आवश्यकता फिलहाल नहीं है। क्योंकि आपको इस पर कोई पीएचडी नहीं करनी है। इसलिये टीवी पर बार-बार कोरोना से जुड़े समाचार न देखें। वहाँ जानकारी कम डरा ज्यादा रहे हैं। आपको याद है 2012 में इन्होंने दुनिया के खत्म होने की घोषणा कर दी थी। बस इतना याद रखिये, स्थिति थोड़ा गंभीर जरूर है। लॉक-डाउन का पालन कीजिये अनावश्यक घर से बाहर मत निकलिए। फिर यह स्थिति धीरे-धीरे सामान्य हो जायेगी। हम इस संक्रमण को रोकने में सक्षम हो जायेंगे। खुद को, अपने परिवार को व देश को सुरक्षित रखने में अपना योगदान दीजिये।

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