चाय पर चर्चा- भाग-4
...... भाग-4 ...... "आप कह रहे कि हैं यह स्कूल बंद नहीं होने चाहिए। इन स्कूलों में मुश्किल से चार या पांच बच्चे पढ़ रहे हैं। आपको नहीं लगता कि इन विद्यालयों को चलाते रहने पर सरकार को काफी नुकसान होगा" यह सवाल पहले वाले सज्जन ने किया। जिन्होंने इस चर्चा की चिंगारी को सुलगाया था। तब तक उन तीसरे भाई साहब का फोन आ गया। "हेलो..हेलो... आवाज नहीं आ रही...आवाज रुक-रुक कर आ रही है...।" (....................................) "हां, हां मैं रजनीश बोल रहा हूँ....।" मैं केवल एक तरफ की आवाज सुन पा रहा था। तो इन भाई साहब का नाम रजनीश है, यह मुझे पता चल गया। "नहीं यार...मैंन वहाँ छोड़ दिया...।" (....................................) "कुछ भी और कर लूँगा....." "कुछ भी............." (....................................) "जो मन को अच्छा लगेगा" (....................................) "इस समय ? इस समय तो मैं चाय पी रहा हूँ।" (....................................) "ओके, बाय... बाद में बात करता हूँ" ...... "दे...